राष्ट्रीय शिक्षा अंजोर भारत सम्मान: कोरबा के राकेश कौशिक और सर्वेश सोनी सहित 6 नवाचारी शिक्षक रायगढ़ में सम्मानित

[कालाहीरा न्यूज़]

रायगढ़/कोरबा। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ नगर निगम ऑडिटोरियम में आयोजित एक भव्य राष्ट्रीय समारोह में कोरबा जिले का गौरव एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर चमका है। प्रतिष्ठित संस्थान राष्ट्रीय शिक्षा अंजोर भारत द्वारा पूरे देश के 1500 शिक्षकों में से चयनित 200 विशिष्ट नवाचारी शिक्षक-शिक्षिकाओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस गौरवशाली सूची में कोरबा जिले के 6 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपनी जगह बनाई, जिन्होंने अपने सतत शाला विकास कार्यक्रम, सामुदायिक सहभागिता और अद्वितीय नवाचारी शैक्षिक प्रयासों से यह मुकाम हासिल किया है।


राकेश कौशिक: नवाचार और शाला विकास के पर्याय
इस राष्ट्रीय सम्मान समारोह में कोरबा के अग्रणी शिक्षक राकेश कौशिक को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए विशेष रूप से रेखांकित किया गया। श्री कौशिक ने शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रतिमान स्थापित करते हुए न केवल बच्चों के सीखने के स्तर को सुधारा है, बल्कि सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देकर विद्यालय के सतत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके इसी नवाचारी दृष्टिकोण और शिक्षा के प्रति समर्पण के लिए उन्हें इस भव्य मंच पर राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया, जो पूरे कोरबा जिले के शिक्षा जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।


 सर्वेश सोनी: पर्यावरण संरक्षण और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की गूंज
समारोह में कोरबा के एक और नक्षत्र सर्वेश सोनी के प्रयासों की गूंज पूरे ऑडिटोरियम में सुनाई दी। मंच से अपने अनुभवों को साझा करते हुए श्री सोनी ने बताया कि उनके विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन हेतु निरंतर जमीनी प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरणा लेकर उन्होंने अपने स्कूल में इतने पौधों को संरक्षित व संवर्धित कर ‘वृक्ष मित्र’ बनाया है कि अब नए पौधारोपण के लिए विद्यालय परिसर में स्थान भी शेष नहीं बचा है। उनके इस अद्वितीय पर्यावरण-सम्मत नवाचार की सभी अतिथियों ने मुक्त कंठ से सराहना की।
इन शिक्षकों को भी मिला सम्मान
जिले से इस गौरवमयी उपलब्धि को हासिल करने वालों में राकेश कौशिक और सर्वेश सोनी के साथ-साथ तीज पटेल, मनोज प्रधान, श्रीमती प्रिया दुबे और श्रीमती सीमा साहू भी शामिल रहे। इन सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को उनके सतत और अथक प्रयासों के लिए मंच पर सम्मानित किया गया।
राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सर्वोपरि: अतिथि

* डॉ. पूर्णानंद मिश्र (राष्ट्रीय अध्यक्ष): उन्होंने शिक्षकों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा, “शिक्षकों का सम्मान ही वास्तव में राष्ट्र का सम्मान है।”
* गुणनिधि पाणिग्रही (मुख्य अतिथि): उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सेवा संकल्प अभियान’ की सराहना की। शिक्षकों को सनातन विकास का संवाहक बताते हुए उन्होंने उन्हें चाणक्य, सांदीपनि, वशिष्ठ और वाल्मीकि की संज्ञा दी तथा राष्ट्र हित में निरंतर भागीदारी निभाने की अपील की।
* मंच संचालन: कार्यक्रम का गरिमामय और सफल संचालन देवेंद्र पंड्या एवं विजया पंड्या द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन पर संयोजन टीम और सभी आगंतुकों ने सामूहिक भोज में हिस्सा लिया।

पुरस्कार के साथ मना सर्वेश सोनी का जन्मदिन, बाबा सत्यनारायण के किए दर्शन
कोरबा के इन शिक्षकों के लिए यह रायगढ़ यात्रा दोहरी खुशियां लेकर आई। सम्मान समारोह के दिन ही सहयोगी शिक्षक सर्वेश सोनी का जन्मदिन भी था। राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद, सभी शिक्षकों ने कोसमनारा के विख्यात सत्यनारायण बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद कार में ही सफर के दौरान केक काटकर और खुशियां बांटकर सभी ने इस यात्रा को हमेशा-हमेशा के लिए यादगार बना दिया। इन शिक्षकों को पहले भी कई सम्मान मिल चुके हैं, लेकिन इस बार का यह सफर उनके संगठन और समर्पण की एक नई मिसाल बन गया।

Kala Hira
Author: Kala Hira

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