सुबह 4 बजे से देर रात तक अंधेरे के साये में टहलने को मजबूर बुजुर्ग और बच्चे! क्या किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है दीपका प्रशासन?
📍 दीपका (काला हीरा ब्यूरो)।
नगर पालिका परिषद दीपका के जिम्मेदार अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि किस कदर जनसमस्याओं के प्रति आंखें मूंदे बैठे हैं, इसका एक और जीता-जागता सबूत शहर के एकमात्र मैदान, काला मैदान(प्रस्तावित मिनी स्टेडियम) में देखने को मिल रहा है। छोटे बच्चों के खेलकूद से लेकर बड़ों के मॉर्निंग वॉक का यह एकमात्र मुख्य केंद्र पिछले कई महीनों से घने अंधेरे की चपेट में है, लेकिन पालिका प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं है।
## 🛑 महीनों से बंद एकमात्र हाई मास्ट लैंप, सुध लेने वाला कोई नहीं!
ज्ञात हो कि इस प्रस्तावित मिनी स्टेडियम (काला मैदान )में नागरिकों की सुविधा के लिए एकमात्र हाई मास्ट लैंप (High Mast Lamp) लगाया गया था। लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के चलते यह लाइट पिछले कई महीनों से पूरी तरह बंद पड़ी है। चौंकानी वाली बात यह है कि इस गंभीर समस्या की सुध न तो नगर पालिका के अधिकारी ले रहे हैं और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने इस ओर ध्यान देने की जहमत उठाई है। ऐसा प्रतीत होता है कि नगर पालिका परिषद दीपका को इस बंद लाइट की खबर तक नहीं है या फिर वे जानबूझकर इस समस्या से अनजान बने हुए हैं।
## 🏃♂️ सुबह 4:00 बजे से शुरू हो जाता है आना-जाना, अंधेरे में मंडरा रहा खतरा!
काला मैदान दीपका का एकमात्र ऐसा सार्वजनिक स्थल है जहाँ सुबह 4:00 बजे से ही शहर के बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों का मॉर्निंग वॉक शुरू हो जाता है। वहीं, देर रात तक यहाँ लोग शुद्ध हवा में टहलने आते हैं। दिनभर यहाँ युवा और बच्चे खेलकूद की गतिविधियों को अंजाम देते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण मैदान में महीनों से हाई मास्ट लाइट का बंद होना सीधे तौर पर नागरिकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। घने अंधेरे के कारण सुबह और रात के समय यहाँ जहरीले जीव-जंतुओं का डर बना रहता है, साथ ही किसी भी अप्रिय घटना या हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
काला हीरा न्यूज़ का सीधा सवाल:
“क्या दीपका के नागरिकों को एक अदद लाइट की सुविधा देना भी पालिका के बस से बाहर है? जिस मैदान में शहर की तीन पीढ़ियां सेहत बनाने आती हैं, उसे इस तरह अंधेरे के हवाले क्यों छोड़ दिया गया है?”
## ⚠️ नागरिकों में आक्रोश, जल्द लाइट चालू नहीं हुई तो होगा बड़ा प्रदर्शन!
मैदान का उपयोग करने वाले खेल प्रेमियों और वॉकर्स का धैर्य अब जवाब दे रहा है। नागरिकों का कहना है कि शहर के एकमात्र मिनी स्टेडियम की यह दुर्दशा प्रशासन की उदासीनता की पराकाष्ठा है। वार्ड वासियों और खिलाड़ियों ने ‘काला हीरा न्यूज़’ के माध्यम से चेतावनी दी है कि यदि इस खबर के प्रकाशन के बाद भी पालिका प्रशासन ने कुंभकर्णी नींद से जागकर हाई मास्ट लैंप को तुरंत चालू नहीं करवाया, तो दीपका के जागरूक नागरिक पालिका कार्यालय का घेराव करने और उग्र प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।
अब देखना यह है कि दीपका के सोए हुए जनप्रतिनिधि और मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) इस अंधेरे मैदान को कब रोशन करते हैं!
(काला हीरा वेब न्यूज़ इस जनहित के मुद्दे को तब तक उठाता रहेगा, जब तक लाइट जल नहीं जाती…)
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