दुआएं देने वालों के हाथों में हथियार… आखिर परंपरा के नाम पर आतंक कब तक?

सरेबाजार लहराया चाकू: आस्था की आड़ में दीपका की शांत फिजां में घोला गया जहर!

दीपका। हमारे समाज में किन्नरों को दान देना, उनका आशीर्वाद लेना हमेशा से ही पुण्य और सौभाग्य का प्रतीक माना गया है। हर साल की तरह इस बार भी कोरबा से दीपका आई टोलियों का लोगों ने खुले दिल से स्वागत किया, ₹100-₹50 की भेंट देकर सम्मान किया। लेकिन इस बार दीपका की शांत और सौहार्दपूर्ण फिजां में जो हुआ, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
बधाई और चंदा लेने की आड़ में इस ग्रुप के साथ घूम रहे पुरुष सदस्यों ने न सिर्फ विवाद किया, बल्कि सरेआम बीच बाजार धारदार चाकू लहराकर एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर दिया। जो हाथ कल तक सिर्फ दुआएं देने के लिए उठते थे, आज उन हाथों में चमचमाते हथियार देखकर पूरा बाजार सहम गया। आखिर जिस शहर में इन्हें हर साल आना है, जहां के लोग इन्हें पलकों पर बिठाते हैं, वहां ऐसी खूनी गुंडागर्दी क्यों?

⚡ छेड़छाड़ बनाम चाकूबाजी: दीपका पुलिस की ‘क्रॉस FIR’
इस सनसनीखेज वारदात के बाद दीपका पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर काउंटर (क्रॉस) मामला दर्ज किया है:

1. किन्नर गुट का आरोप: किन्नरों और उनके साथियों की शिकायत पर पंकज एवं एक अन्य युवक के खिलाफ नाचने-गाने के बहाने बुलाकर छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने का मामला दर्ज किया गया है।
2. पक्ष का आरोप: वहीं, घायल पंकज की शिकायत पर पुलिस ने किन्नर गुट के 6 नामजद आरोपियों के खिलाफ सरेराह मारपीट करने और जानलेवा चाकू से हमला करने की संगीन धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।

🔍 पुलिस की पैनी नजर, जल्द सलाखों के पीछे होंगे आरोपी!
बाजार में हुई इस खुली गुंडागर्दी और चाकूबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल चुका है। दीपका पुलिस वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उन चेहरों की शिनाख्त कर रही है जिन्होंने कानून को अपने हाथ में लिया।
पुलिस प्रशासन का साफ कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी शीघ्र ही की जाएगी। चाहे मामला छेड़छाड़ का हो या जानलेवा हमले का, दीपका की शांति भंग करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
✍️ कालाहीरा न्यूज़ की दो टूक:
रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में मुसाफिरों से जबरन वसूली और आतंक की खबरें तो आम थीं, क्योंकि वहां लोग अजनबी होते हैं। लेकिन स्थानीय बाजारों में, जहां हर साल आपसी रिश्ते और विश्वास के दम पर बधाई का सिलसिला सालों से चल रहा है, वहां ऐसा खूनी खेल बर्दाश्त के बाहर है। आस्था अपनी जगह है, लेकिन कानून से ऊपर कोई नहीं हो सकता। दीपका पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना होनी चाहिए, और अब शहर को इंतजार है उन उपद्रवियों की गिरफ्तारी का, जिन्होंने इस शांत अंचल को दहलाने की कोशिश की।
——————————
दीपका से जुड़ी हर लाइव अपडेट और आरोपियों की गिरफ्तारी की सबसे तेज खबर के लिए बने रहिए ‘कालाहीरा न्यूज़’ के साथ!

Kala Hira
Author: Kala Hira

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *