गेवरा-दीपका की धरती पर गूंजा ‘मजदूर एकता जिंदाबाद’ का नारा, काले हीरे के योद्धाओं ने बुलंद की आवाज।

दीपका | (काला हीरा न्यूज)
कोयलांचल की हृदयस्थली दीपका की सुनहरी धरती आज श्रमिक क्रांति की गवाह बनी। कोयला उद्योग के एकदिवसीय देशव्यापी आह्वान पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में श्रमिक एकता का ऐसा अनुकरणीय दृश्य देखने को मिला, जिसने प्रबंधन और सत्ता के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

कांग्रेस का मिला ‘हाथ’, बढ़ा श्रमिकों का हौसला

इस आंदोलन की सबसे खास बात राष्ट्रीय कांग्रेस का खुला समर्थन रहा। श्रमिक हितों की इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाने कोरबा जिला कांग्रेस के अध्यक्ष श्री हरीश परसाई स्वयं मैदान में उतरे। उनके साथ वरिष्ठ कांग्रेसी नेता श्री तनवीर अहमद, श्री विशाल शुक्ला, और श्री रामू कंवर ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। जनप्रतिनिधियों के इस साथ ने खदानों में पसीना बहाने वाले मजदूर भाइयों के हौसले को दोगुना कर दिया।

मजदूर और नेता एक मंच पर

जब मंच से नेताओं और मजदूर प्रतिनिधियों ने अपनी आवाज बुलंद की, तो पूरा वातावरण ‘श्रमिक एकता’ के नारों से गूंज उठा। हरीश परसाई ने संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी सदैव श्रमिकों के सम्मान और उनके अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि मजदूरों के हक को छीनने की कोशिश करने वाली ताकतों के खिलाफ एक बड़ा शंखनाद है।

उज्ज्वल भविष्य की ओर मजबूत कदम

जानकारों का मानना है कि जब जनप्रतिनिधि और जमीन से जुड़ा मजदूर एक मंच पर आकर खड़ा होता है, तो वह संगठित शक्ति का सबसे बड़ा प्रमाण होता है। आज दीपका में दिखी यह एकजुटता और नई ऊर्जा निश्चित रूप से आने वाले समय में श्रमिक हितों की रक्षा और उनके सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

श्रमिक संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो यह मशाल और भी धधकेगी।


काला हीरा न्यूज के लिए दीपका से विशेष रिपोर्ट।

Kala Hira
Author: Kala Hira

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