बिंझरी रोड पर आकार ले रहा है भव्य ‘शिव धाम’, 19 जनवरी से शुरू होगा पांच दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव।

कालाहीरा न्यूज़, दीपका

मुख्य बिंदु:

  • बनारस के 9 विद्वान आचार्यों की मौजूदगी में संपन्न होगा अनुष्ठान।
  • 19 जनवरी को 1100 कलशों के साथ निकलेगी भव्य शोभायात्रा।
  • 23 जनवरी को विशाल भंडारे के साथ होगी मूर्तियों की स्थापना।

विस्तृत समाचार:
पाली रोड नगरपालिका गेट से बिंझरी रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर अब एक नए और भव्य स्वरूप में नजर आने वाला है। क्षेत्रवासियों के सहयोग से इस मंदिर का जीर्णोद्धार कर इसे ‘भव्य शिव धाम’ के रूप में प्रतिस्थापित किया जा रहा है। इस नवनिर्मित परिसर में न केवल शिव परिवार, बल्कि कई अन्य देवी-देवताओं के मनोहारी मंदिरों का निर्माण किया गया है, जो सनातन धर्म की भव्यता को दर्शाते हैं।

मंदिर परिसर की विशेषताएं:
इस भव्य शिव धाम में माता दुर्गा (सिद्धिदात्री माता दीपेश्वरी) का भव्य मंदिर बनाया गया है। इसके साथ ही गरुण देव के साथ राधा-कृष्ण मंदिर अपनी आभा बिखेर रहा है। महिलाओं के लिए विशेष रूप से शिवजाप एवं भजन कक्ष का निर्माण कर उसे भैरव बाबा मंदिर का स्वरूप दिया गया है, जिसके समीप ही शनिदेव मंदिर की स्थापना की जा रही है। मंदिर परिसर में शास्त्रोक्त नियमों के अनुसार दक्षिणा मुखी हनुमान जी, श्री गणेश, श्री लक्ष्मी-सरस्वती और वरुण देवता को भी गरिमामयी स्थान दिया गया है।

पांच दिवसीय कार्यक्रम का शेड्यूल:
प्राण-प्रतिष्ठा का यह महोत्सव 19 जनवरी से शुरू होकर 23 जनवरी तक चलेगा। बनारस के प्रख्यात आचार्य श्री शिवपूजन जी अपने 8 सहयोगी आचार्यों के साथ इस अनुष्ठान को पूर्ण कराएंगे।

  • 19 जनवरी: प्रातः काल शिव धाम से नगरपालिका कार्यालय होते हुए प्रगति नगर छठ घाट तक 1100 माता-बहनों द्वारा कलश यात्रा निकाली जाएगी। जलभरी के पश्चात पारंपरिक बांस की लकड़ियों से बनी भव्य यज्ञशाला में पूजन प्रारंभ होगा।
  • 22 जनवरी: सभी नवनिर्मित प्रतिमाओं का भव्य नगर भ्रमण कराया जाएगा।
  • 23 जनवरी: मूर्तियों की विधिवत स्थापना, हवन और विशाल भोग भंडारा आयोजित होगा।

समिति की अपील:
शिव धाम समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह, सचिव विशाल अग्रवाल और प्रवक्ता सर्वेश सोनी ने बताया कि इस महत्वपूर्ण कार्य में वार्ड पार्षद रामजय सिंह सहित पूरी टीम तन-मन-धन से जुटी हुई है। समिति के संरक्षक मनोज शर्मा, महेंद्र सिंह, विमल सिंह, डी.डी. अग्रवाल और अन्य पदाधिकारियों ने समस्त क्षेत्रवासियों से इस पांच दिवसीय धर्मोत्सव में शामिल होने और पुण्य का सहभागी बनने की अपील की है।

इस भव्य आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और पारंपरिक रूप से निर्मित यज्ञशाला आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।


Kala Hira
Author: Kala Hira

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