PHD छोड़ सेना में शामिल, बहन फिल्म इंडस्ट्री में… कर्नल सोफिया कुरैशी से जुड़ी 5 बातें

(कालाहीरा न्यूज़)

 

इसी ऑपरेशन सिंदूर के बारे में सारी डिटेल कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने दी थी। यहां पर कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में 5 बड़ी बाते जानते हैं।
भारत ने पाकिस्तान पर सबसे बड़ा प्रहार किया है, ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पहलगाम आतंकी हमले का बदला लिया गया है। इस हमले में आतंकी ठिकानों को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है, बड़ी बात यह है कि पीओके के अलावा पाकिस्तान के अंदर घुस भी जैश और लश्कर के बेस को निशाने पर लिया गया है। अब इसी ऑपरेशन सिंदूर के बारे में सारी डिटेल कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने दी थी। यहां पर कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में 5 बड़ी बाते जानते हैं-
  1. कर्नल सोफिया कुरैशी ने महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी से बॉयोकेमिस्ट्री में मास्टर्स की डिग्री हासिल कर रखी है।
  2. मास्टर्स डिग्री के बाद सोफिया ने बतौर लेक्चरार पढ़ाना भी शुरू कर दिया था।
  3. भारत सरकार ने जब ऊंचे पदों पर महिलाओं के लिए सेना में भर्ती निकाली, सोफिया ने पीएचडी बीच में ही छोड़ दी।
  4. सोफिया कुरैशी की बहन शायना कुरैशी फिल्मों के साथ जुड़ी हुई हैं। उनका मुंबई में प्रोडक्शन हाउस है।
  5. सोफिया मल्टीनेशनल सैन्य अभ्यास लीड करने वाली महिला ऑफिसर रही थीं।
अब कर्नल सोफिया की इतनी चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर की हर जानकारी उनकी तरफ से ही देश को दी गई। उन्होंने अगर हिंदी में सेना की कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया तो वहीं विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने अंग्रेजी में संदेश पहुंचाया। दोनों ही महिला अफसरों की जमकर तारीफ की गई, इसे एक बड़े मैसेज के रूप में भी देखा गया। एक तरफ ऑपरेशन का नाम सिंदूर रखाना और फिर महिला अफसर द्वारा उसकी जानकारी देना, नारी शक्ति को मजबूत करने का काम हुआ है।
ऑपरेशन सिंदूर के बारे में
अब मसूद अजहर को उसके गुनाहों की भारी कीमत चुकानी पड़ी है। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सेना ने कहा है कि Pakistan और PoK में मरकज़ सुभान अल्लाह- बहावलपुर, मरकज़ तैयबा- मुरीदके, सरजाल/तेहरा कलां, महमूना जोया फैसेलिटी- सियालकोट, मरकज़ अहले हदीस बरनाला- भिम्बर, मरकज़ अब्बास- कोटली, मस्कर राहील शाहिद- कोटली, मुजफ्फराबाद में शावई नाला कैम और मरकज़ सैयदना बिलाल को निशाना बनाया गया है।
जानकार बताते हैं कि मुरीदके और बहावलपुर कुछ ऐसे इलाके हैं जिन्हें काफी सुरक्षित माना जाता है, पाक सेना का पहरा भी वहां रहता है। लेकिन उन ठिकानों में ही आतंकियों के बेस को निशाना बनाना तीनों ही सेनाओं की बड़ी कामयाबी है। अभी के लिए पाकिस्तान ने भी भारत की कार्रवाई को स्वीकार कर लिया है, लेकिन उसकी तरफ से सिर्फ 26 लोगों की मौत की बात आई है, असल आंकड़ा इससे कई गुना ज्यादा हो सकता है।
 
Kala Hira
Author: Kala Hira

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