सिर्फ 999 रुपए में… रायपुर से अंबिकापुर और बिलासपुर को जोड़ने वाली हवाई सेवा शुरू

छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में आज से नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रदेश के तीन बड़े शहरों को जोड़ने वाली सस्ती हवाई सेवा शुरू होने जा रही है। सरगुजा के सांसद चिंतामणि महाराज पहले यात्री के रूप में सवार हुए।

(कालाहीरा न्यूज़)

रायपुर। छत्तीसगढ़ के तीन बड़े शहरों- रायपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर को हवाई सेवा से जोड़ने वाली फ्लाई बिग विमानन कंपनी की 19 सीटर फ्लाइट गुरुवार से शुरू हो गई। विमानन कंपनी से मिली जानकारी के अनुसार, सुबह 9 बजे स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर से अंबिकापुर के दरिमा मां महामाया विमानतल के लिए 19 सीटर विमान ने उड़ान भरी।
सरगुजा के सांसद चिंतामणि महाराज पहले यात्री के रूप में सवार हुए। सुबह 10.15 बजे फ्लाइट अंबिकापुर लैंड करेगी। सांसद चिंतामणी महाराज 10.40 बजे फ्लाइट को हरी झंडी दिखाकर बिलासपुर के लिए रवाना करेंगे। जो सुबह 11.35 बजे बिलासपुर पहुंचेगी।

पहले पाओ के तर्ज पर बुकिंग

लौटते समय बिलासपुर-अंबिकापुर दोपहर 12 बजे बिलासपुर से उड़ान भरकर 12.55 बजे अंबिकापुर पहुंचेगी। दोपहर 1.20 बजे अंबिकापुर से रायपुर की उड़ान भरकर दोपहर 2.35 बजे रायपुर पहुंचेगी।
रायपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर को जोड़ने वाली यह उड़ान सप्ताह में तीन दिन गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को संचालित होंगी। इसके लिए अभी शुरुआती किराया 999 रुपये है और पहले आओ, पहले पाओ के तर्ज पर इसमें बुकिंग करा सकते हैं।

रेल यात्रियों के लिए भी गुड न्यूज… दुर्ग से बरहमपुरम तक शुरू होगी रेल सेवा

इस बीच, रेलवे से खबर है कि दुर्ग, भिलाई, कुम्हारी में निवासरत लाखों लोग अपने पैतृक गांव आंध्र प्रदेश, श्रीकाकुलम व सीमावर्ती ओडिशा में आवागमन करते हैं। दुर्ग जिले से सीधी रेल सेवा न होने की वजह से उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। लंबे समय से पलासा, बरहमपुरम तक सीधी रेल प्रारंभ करने के लिए आंध्र उत्कल समिति द्वारा यह मांग की जाती रही है।
वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखे पत्र में कहा है कि वाया विजयनगरम पलासा बरहमपुरम नई एक्सप्रेस दुर्ग से शुरू करने से भिलाई-दुर्ग में लंबे समय से निवास कर रहे आंध्र और उत्कल समाज के लाखों परिवारों को सीधी यात्रा का लाभ मिलेगा। उन्हें पैतृक गांव जाने में दूरदराज स्टेशन तक नहीं जाना पड़ेगा।

 

 

Kala Hira
Author: Kala Hira

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