प्रोफेसर डॉ प्यारे लाल आदिले ‘दयाराम टंडन ज्ञान रत्न सम्मान’ से विभूषित।

प्रोफेसर डॉ प्यारे लाल आदिले ‘दयाराम टंडन ज्ञान रत्न सम्मान’ से विभूषित 

 

(कालाहीरा न्यूज)

कटघोरा । राष्ट्रीय सेवा रत्न सम्मान प्राप्त समिति छत्तीसगढ़ कलमकार मंच मस्तूरी बिलासपुर द्वारा 29 मार्च को बिलासपुर के एमरोल्ड होटल में आयोजित छत्तीसगढ़ कलमकार मंच का वार्षिक अधिवेशन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिसमें प्रसिद्ध विद्वान प्राध्यापक प्रोफेसर (डॉ.)प्यारेलाल आदिले प्राचार्य जे.बी.डी.कला एवं विज्ञान महाविद्यालय कटघोरा को ‘दयाराम टंडन ज्ञान रत्न सम्मान’ से विभूषित किया गया।
  1. प्रोफेसर आदिले के द्वारा समाज में किए जा रहे शिक्षा, महापुरुषों की सामाजिक अवदान, स्वास्थ्य, जनकल्याण के लिए जागरूकता, महिला सशक्तिकरण, साहित्य और संस्कृति पर विशेष कार्य किए जाने के उपलक्ष में यह सम्मान प्रदान किया गया। 
  2. उल्लेखनीय है कि इस सम्मान हेतु प्रोफेसर आदिले का चयन एक प्रबंधकारिणी अनुशंसा कमेटी द्वारा किया गया।
  3. छत्तीसगढ़ कलमकार मंच के संस्थापक अध्यक्ष विश्व विख्यात साहित्यकार डॉ.किशन टंडन क्रान्ति ने प्रोफेसर आदिले को बधाई देते हुए बताया है कि “आज के इस भौतिकवादी युग में भी दिखावा से दूर बेहद सादगीपूर्ण जीवन जीने वाले उच्च शिक्षा प्राप्त विद्वान प्राध्यापक प्रोफेसर प्यारेलाल आदिले सच मायने में मानवतावादी समाजवैज्ञानिक और राजवैज्ञानिक विद्वान हैं।
  4. आपको यह सम्मान देते हुए संस्था को गौरव की अनुभूति हो रही है।” प्रोफेसर आदिले जैसे नेतृत्वकर्ता की महती आवश्यकता है आज के समाज को।
  5. आप अपने समस्त उपलब्धियों के लिए अपने माता- पिता, परिवार, रिश्तेदार, गुरुजन, मित्रों एवं समाज के गुणिजनों को श्रेय देते हैं।
  6. आप डॉ.अंबेडकर थॉट को मानवता के हिफाजत एवं विकास के लिए आवश्यक बतलाते हैं और इसे पूरी दुनियां में प्रसारित करना चाहते हैं।
  7. डा. आदिले ने अपने प्रमुख वक्तव्य में कहा कि “व्यक्तित्व का विकास मस्तिष्क की कर्मशाला में होता है तो साहित्य और कविता की उत्पति भावना की भूमि में होता है।
  8. इसलिए मनुष्य के लिए सर्वोत्तम मित्र की भूमिका साहित्य ही निर्वहन करता है।” 
  9. इस सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि प्रो.आर.पी.टंडन प्राध्यापक हिंदी, अध्यक्ष डा.पी.सी.लाल यादव वरिष्ठ साहित्यकार, विशिष्ट अतिथि श्यामा कुर्रे, डा. इंद्रभानु सिंह कंवर, डा. गोवर्धन मार्शल, एच.आर.खांडे एवं एस. एल.मात्रे थे।

 

 

Kala Hira
Author: Kala Hira

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