दीपका (कालाहीरा न्यूज)। ऊर्जाधानी दीपका में इन दिनों शराब दुकान को हटाने और उसके स्थानांतरण को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर पहुंच चुकी हैं। वार्ड क्रमांक 11 पालीरोड में पिछले लगभग 25 वर्षों से संचालित देसी शराब दुकान को हटाने की मांग अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। इस मुद्दे पर अब वार्ड क्रमांक 11 और वार्ड क्रमांक 1 के नागरिक आमने-सामने की स्थिति में आ गए हैं, जिससे प्रशासन के हाथ-पांव फूलने लगे हैं।
🔹 सुशासन तिहार से लेकर कलेक्टर तक गुहार
वार्ड क्रमांक 11 के जुझारू पार्षद अविनाश सिंह ने क्षेत्रवासियों की दशकों पुरानी इस गंभीर समस्या को दूर करने के लिए मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने जिला कलेक्टर से मिलकर शराब दुकान को तत्काल वहां से विस्थापित करने की मांग की थी। इतना ही नहीं, ‘सुशासन तिहार’ के मंच पर भी पार्षद अविनाश सिंह और वार्ड के नागरिकों ने भारी संख्या में उपस्थित होकर लिखित आवेदन सौंपे थे। जनभावनाओं को देखते हुए प्रशासन ने हमेशा की तरह इस बार भी कार्रवाई की फाइल आगे बढ़ाई, लेकिन असली विवाद दुकान के नए ठिकाने को लेकर शुरू हो गया।
🔹 वार्ड क्रमांक 1 में आधी रात को ‘महाबैठक’ और शपथ!
प्रशासनिक अमला जब शराब दुकान के स्थानांतरण के लिए जगह तलाशने निकला, तो भाजपा नेता धर्म तिवारी के एक प्रस्तावित स्कूल भवन को विकल्प के रूप में देखा गया। इसकी भनक लगते ही एसडीएम कटघोरा और आबकारी निरीक्षक के निरीक्षण के दौरान ही वार्ड क्रमांक 1 के पार्षद कमलेश जायसवाल अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए और तीखा विरोध दर्ज कराया।
विवाद यहीं नहीं थमा, वार्ड क्रमांक 1 में देर रात तक नागरिकों की एक आपात महाबैठक चली। इस बैठक में वार्डवासियों ने दोटूक लहजे में कहा कि जिस क्षेत्र में तहसील कार्यालय और देवी-देवताओं का पवित्र पूजन स्थल हो, वहां किसी भी सूरत में शराब दुकान खुलने नहीं दी जाएगी। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से शराब दुकान का रास्ता रोकने की कसम खाई है।
🔹 पुष्पवाटिका में गूंजे नारे: “अब तो हटाकर ही रहेंगे!”
इधर, आज वार्ड क्रमांक 11 के नागरिकों का गुस्सा भी सातवें आसमान पर दिखाई दिया। क्षेत्र के लोग भारी संख्या में ‘पुष्पवाटिका दीपका’ में एकत्रित हुए। इस दौरान वार्ड पार्षद अविनाश सिंह, कद्दावर भाजपा नेता व उनके बड़े भाई अभिषेक सिंह सहित सैकड़ों की तादाद में वार्डवासी मौजूद रहे। पुष्पवाटिका में जमकर नारेबाजी की गई और शासन-प्रशासन को चेतावनी दी गई। वार्ड 11 की जनता का संकल्प देखकर अब साफ नजर आ रहा है कि वे इस बार शराब दुकान को यहां से खदेड़कर ही दम लेंगे।
🔹 “निर्विरोध जगह मिलने पर ही शिफ्ट होगी दुकान” — राजेंद्र राजपूत
इस पूरे सियासी और सामाजिक घमासान के बीच आधिकारिक पक्ष भी सामने आया है। मामले पर बयान देते हुए नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत ने स्पष्ट किया है कि दीपका में शराब दुकान के लिए सुरक्षित और उपयुक्त जमीन की तलाश लगातार जारी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में जनता को आश्वस्त करते हुए कहा, “जब तक किसी निर्विरोध स्थल का चयन नहीं हो जाता, तब तक शराब दुकान को स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। प्रशासन जनभावनाओं का पूरा आदर करता है और जनता की मर्जी के खिलाफ कोई फैसला नहीं लिया जाएगा।”
📌 काला हीरा न्यूज का तीखा विश्लेषण:
वार्ड क्रमांक 1 और वार्ड क्रमांक 11 में बैक-टू-बैक हुई इन भारी बैठकों और विरोध प्रदर्शनों ने यह साबित कर दिया है कि दीपका में शराब दुकान महज एक सरकारी राजस्व का जरिया नहीं, बल्कि एक सुलगता हुआ राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। चुनाव और क्षेत्रीय साख के बीच फंसी इस शराब दुकान को हटाने के लिए जहां एक वार्ड अड़ा है, वहीं दूसरा वार्ड इसे अपने यहां आने देने के मूड में कतई नहीं है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस चक्रव्यूह से कैसे निकलता है!




