ब्रेकिंग
देशप्रेम के रंग में रंगा गेवरा-दीपका, CISF ने निकाली भव्य तिरंगा रैली वाराणसी में गूंजा कलचुरी समाज का शक्ति प्रदर्शन: 91वें स्थापना दिवस पर राजनीतिक भागीदारी की बुलंद मांग, छत्तीसगढ़ इकाई के कार्यों की देशभर में सराहना खाकी का खौफ: बैंक में सेंधमारी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश, हरियाणा से खींच लाई कोरबा पुलिस! सियासत की नई शुरुआत से पहले याद आए बुगल दुबे, दीपका में नवनियुक्त एल्डरमैनों का धमाकेदार आगाज!’ संपादकीय: गुरु पूर्णिमा पर विशेष विचार — क्या हम कर पा रहे हैं राष्ट्र निर्माताओं का सम्मान? निजी स्कूलों की मनमानी पर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी का प्रहार, शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने गठित की जांच टीम
Home » छत्तीसगढ » बिलासपुर » दीपका में उमड़ा श्रद्धा का जनसैलाब, जीवंत झांकी के साथ धूमधाम से मना रुक्मणी विवाह

दीपका में उमड़ा श्रद्धा का जनसैलाब, जीवंत झांकी के साथ धूमधाम से मना रुक्मणी विवाह

(कालाहीरा न्यूज)

दीपका। कोयलांचल नगरी दीपका में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन मंगलवार को कथा स्थल पर आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। सुप्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी भागवत प्रवक्ता पंडित कामता प्रसाद शरण जी महाराज के मुखारविंद से भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मणी के विवाह का प्रसंग सुनकर पंडाल में मौजूद लगभग एक हजार  श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।महाराज जी ने रुक्मणी विवाह की दिव्य व्याख्या करते हुए कहा कि रुक्मणी साक्षात लक्ष्मी जी का अवतार हैं और उनका भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम जीवात्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। उन्होंने दीपका और आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब जीव पूर्ण समर्पण के साथ परमात्मा को पुकारता है, तो भगवान सभी बंधनों को तोड़कर उसे अपनाने चले आते हैं। महाराज जी के छत्तीसगढ़ी बोली के अनूठे प्रवाह और भजनों ने पंडाल में उपस्थित भारी भीड़ को मंत्रमुग्ध कर दिया।विवाह की जीवंत झांकी पर झूमे हजारों श्रद्धालुकथा के दौरान जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मणी के विवाह का प्रसंग आया, पूरा पंडाल ‘जय कन्हैया लाल की’ और ‘राधे-राधे’ के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर विशेष रूप से सजाई गई विवाह की जीवंत झांकी प्रस्तुत की गई। दूल्हे के रूप में सजे भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मणी पर श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा की।

कालाहीरा न्यूज की ग्राउंड रिपोर्ट: आस्था का महासागर कालाहीरा न्यूज की टीम ने जब कथा स्थल का जायजा लिया, तो पैर रखने तक की जगह नहीं थी। कोयलांचल क्षेत्र के कोने-कोने से पहुंचे लगभग एक हजार  स्त्री, पुरुष और बुजुर्ग श्रद्धालु भगवान के इस दिव्य विवाह उत्सव के साक्षी बने। मंगल गीतों और गाजे-बाजे के साथ लोग झूमते-नाचते नजर आए। ऐसा लग रहा था मानो पूरा दीपका शहर ही द्वारिकापुरी में बदल गया हो। कथा के समापन पर महाआरती की गई, जिसमें हजारों भक्तों ने एक साथ दीप प्रज्वलित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।

Kala Hira
Author: Kala Hira

[posts_like_dislike id=post_id]

RELATED LATEST NEWS

Top Headlines

देशप्रेम के रंग में रंगा गेवरा-दीपका, CISF ने निकाली भव्य तिरंगा रैली

(कालाहीरा न्यूज़) गेवरा/बिलासपुर। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की एसईसीएल बिलासपुर इकाई ने गेवरा