(कालाहीरा न्यूज)
रायपुर/मनेंद्रगढ़/गेवरा दीपका: कोयला मजदूर सभा के महामंत्री नाथूलाल पाण्डेय की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। छत्तीसगढ़ श्रमायुक्त कार्यालय (व्यवसायिक संघ) ने उनके खिलाफ मिली कई गंभीर शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने संगठन के विधान (नियमों) के विपरीत काम करने के आरोपों पर उन्हें नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर बिंदुवार स्पष्टीकरण मांगा है।
तीन अलग-अलग शिकायतों पर एक्शन
श्रमायुक्त कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह कार्रवाई तीन प्रमुख शिकायत पत्रों के आधार पर की गई है:
- अमलेन्दु विश्वास: इन्होंने 25 मार्च, 17 अप्रैल और 5 मई 2026 को सिलसिलेवार शिकायतें दर्ज कराईं।
- एस.डी. माणिकपुरी व अन्य: इन्होंने 71 कर्मचारियों के साथ मिलकर 25 अप्रैल 2026 को एक संयुक्त शिकायत पत्र सौंपा।
- रविन्द्र कुमार: इन्होंने 30 अप्रैल 2026 को अलग से शिकायत दर्ज कराकर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
नियमों के उल्लंघन का आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि महामंत्री द्वारा संगठन के तय नियमों और कार्यप्रणाली को ताक पर रखकर फैसले लिए जा रहे हैं। श्रमायुक्त कार्यालय ने इन सभी शिकायतों की कॉपी नोटिस के साथ अटैच की है। विभाग ने साफ किया है कि यदि 15 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो श्रम विभाग नियमानुसार आगे की सख्त कार्रवाई करेगा।
कोयला अंचल में मंचा हड़कंप
इस नोटिस के बाद से एसईसीएल (SECL) के कोयला क्षेत्रों और श्रमिक संगठनों में हलचल तेज हो गई है। आम कोयला मजदूरों और श्रमिक नेताओं का कहना है कि संगठन में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए ऐसी जांच जरूरी है। सभी की नजरें अब महामंत्री द्वारा दिए जाने वाले जवाब पर टिकी हैं।




