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दीपका में भक्ति का सैलाब: 1100 महिलाओं की ऐतिहासिक कलश यात्रा से गूंजेगा ‘भव्य शिव धाम’

(कालाहीरा न्यूज़)

दीपका (छत्तीसगढ़)। कोयलांचल नगरी दीपका में आस्था और भक्ति का एक अनूठा संगम देखने को मिलने वाला है। बिंझरी रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर, जो अब अपने नवनिर्मित और विशाल स्वरूप ‘भव्य शिव धाम’ के रूप में तैयार है, वहां प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य आयोजन होने जा रहा है। 19 जनवरी 2026 को ज्योति नगर में इस अनुष्ठान की शुरुआत एक ऐतिहासिक कलश यात्रा से होगी।

मंदिर स्थल पर निर्मित यज्ञशाला

1100 महिलाएं रचेंगी इतिहास

इस महोत्सव की सबसे खास बात इसकी कलश यात्रा होगी, जिसमें 1100 महिलाएं एक साथ शामिल होकर इसे ऐतिहासिक बनाएंगी। यह यात्रा सुबह 10 बजे ज्योति नगर से प्रारंभ होकर देव सरोवर (प्रगति नगर) तक जाएगी। वहां पवित्र जल भरकर महिलाएं वापस शिव धाम मंदिर परिसर पहुंचेंगी। इस दृश्य को क्षेत्र की अब तक की सबसे बड़ी और भव्य धार्मिक पदयात्राओं में से एक माना जा रहा है।

तैयार कलश

नूतन स्वरूप में विराजेंगे देवी-देवता

क्षेत्रवासियों के अटूट सहयोग से पुनर्जीवित हुए इस मंदिर परिसर को पूर्णतः शास्त्रोक्त विधि से तैयार किया गया है। अब यह केवल एक शिव मंदिर नहीं, बल्कि एक संपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र बन चुका है:

  • शक्ति और भक्ति: परिसर में माता सिद्धिदात्री (दीपेश्वरी माता) का भव्य मंदिर और राधा-कृष्ण का मनोहारी दरबार सजाया गया है।
  • विशेष आकर्षण: गरुण देव की प्रतिमा, दक्षिणा मुखी हनुमान जी, श्री गणेश, और लक्ष्मी-सरस्वती जी की गरिमामयी स्थापना की गई है।
  • आध्यात्मिक साधना: महिलाओं के लिए विशेष रूप से शिवजाप एवं भजन कक्ष बनाया गया है, जिसे भैरव बाबा मंदिर का स्वरूप दिया गया है। इसके साथ ही शनिदेव और वरुण देवता के मंदिर भी परिसर की दिव्यता बढ़ा रहे हैं।

जनसहयोग से खड़ा हुआ आस्था का केंद्र

पाली रोड नगरपालिका गेट से बिंझरी रोड की ओर जाने वाला यह मार्ग अब इस ‘भव्य शिव धाम’ की आभा से आलोकित होगा। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस मंदिर का जीर्णोद्धार सनातन धर्म की परंपराओं को सहेजने और नई पीढ़ी को संस्कारित करने का एक बड़ा प्रयास है।

प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर पूरे दीपका क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और सुरक्षा व व्यवस्था के लिए स्वयंसेवक मुस्तैद हैं।


Kala Hira
Author: Kala Hira

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