(कालाहीरा न्यूज़)
कोरबा (कालाहीरा न्यूज़)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पसान थाना क्षेत्र से मानवता और कानून व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ पुलिस पर एक नाबालिग लड़की के अपहरणकर्ता को रिश्वत लेकर छोड़ने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित परिजनों का दावा है कि पसान पुलिस ने महज 10 हजार रुपये और एक ‘बकरे’ के लालच में आरोपी को आजाद कर दिया, जिसके बाद नाबालिग लड़की फिर से रहस्यमय ढंग से लापता हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित परिवार द्वारा पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में सौंपी गई लिखित शिकायत के अनुसार, उनकी नाबालिग बेटी बीते 26 नवंबर को साप्ताहिक बाजार जाने के नाम पर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन करने पर पता चला कि उसे अंतिम बार ‘शनि’ नाम के एक युवक के साथ देखा गया था।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी और नाबालिग को ढूंढ निकाला था। लेकिन थाने में कार्रवाई करने के बजाय, पुलिसकर्मियों ने आरोपी युवक से साठगांठ कर ली। आरोप है कि 10 हजार रुपये नगद और एक बकरे की रिश्वत लेकर आरोपी को छोड़ दिया गया।
घर लौटते ही फिर हुई लापता
हैरानी की बात यह है कि पुलिस के चंगुल से छूटने के बाद नाबालिग लड़की घर तो पहुंची, लेकिन वहां केवल आधा घंटा ही रुकी। इसके बाद वह फिर से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस ने आरोपी पर सख्त कार्रवाई की होती, तो उनकी बेटी आज सुरक्षित होती।
एसपी से लगाई न्याय की गुहार
सोमवार शाम बदहवास हालत में एसपी कार्यालय पहुंचे परिजनों ने अपनी आपबीती सुनाई और भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आशंका जताई है कि आरोपी युवक उनकी बेटी को फिर से डरा-धमका कर या बहला-फुसलाकर ले गया है।
अब देखना यह होगा कि इस सनसनीखेज आरोप के बाद जिला पुलिस प्रशासन पसान थाने के दोषी कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई करता है और नाबालिग को कब तक बरामद किया जाता है।
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