(कालाहीरा न्यूज)
दीपका। स्थानीय सामुदायिक भवन (नगर पालिका कार्यालय के समीप) में अशासकीय विद्यालय संगठन दीपका ब्लॉक द्वारा तृतीय वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस “सांस्कृतिक महाकुंभ” में दीपका क्षेत्र के छह प्रमुख विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपनी कला और प्रतिभा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

प्रतियोगिता के परिणाम: राधे विद्यापीठ और कलचुरी पब्लिक स्कूल ने मारी बाजी
सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं को दो वर्गों में विभाजित किया गया था, जिसमें कड़ा मुकाबला देखने को मिला:

- कनिष्ठ वर्ग (Junior Group): * प्रथम: राधे विद्यापीठ, झाबर-दीपका
- द्वितीय: ज्ञान विज्ञान स्कूल, विजयनगर
- तृतीय: रामकृष्ण मिशन स्कूल, दीपका बस्ती
- वरिष्ठ वर्ग (Senior Group):
- प्रथम: कलचुरी पब्लिक स्कूल, झाबर
- द्वितीय: सर्वमंगला विद्यालय, झाबर
- तृतीय: ईस्ट पॉइंट इंग्लिश मीडियम स्कूल
अतिथियों के विचार: सर्वांगीण विकास के लिए संस्कृति और खेल जरूरी
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल उपस्थित रहे। उन्होंने कहा, “ऐसे आयोजनों से छात्रों को अपनी जड़ों और संस्कृति को करीब से समझने का मौका मिलता है।”
विशिष्ट अतिथि ज्योति नंद दुबे (वरिष्ठ भाजपा नेता) ने शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक जागरूकता पर जोर दिया, वहीं नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत ने इसे क्षेत्र के विकास का प्रतीक बताया। पार्षद अरुणेश तिवारी ने कहा कि बच्चों की शानदार प्रस्तुति ने साबित कर दिया कि अशासकीय विद्यालय के छात्र किसी से कम नहीं है इन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है, पार्षद ज्योति तिवारी वरिष्ठ पत्रकार मनोज महतो और संगठन के जिलाध्यक्ष अक्षय दुबे, टीम चरक के सत्यप्रकाश मिश्रा, धरम तिवारी,ने भी मंच की शोभा बढ़ाई।
सम्मान और सहभागिता
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ संगठन द्वारा पूर्व में आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन नारायण चंद्रा, माया मैडम और भवनेंद्र डहरवाल, ललित नामदेव द्वारा किया गया।
इस गरिमामयी अवसर पर आर.एन. इंग्लिश स्कूल की प्राचार्या रेनू तिवारी, राधेश्याम मनहर (राधे विद्यापीठ) सहित विभिन्न स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-अभिभावक मौजूद रहे। आयोजन की सफलता से पूरे क्षेत्र के शैक्षणिक जगत में हर्ष का माहौल है।- कार्यक्रम की मुख्य झलकियां:
विविधता में एकता का संदेश: छात्रों ने लोक नृत्य, संगीत और देशभक्ति से ओतप्रोत माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया। छत्तीसगढ़ी लोक विधा ‘की प्रस्तुतियों को दर्शकों की विशेष सराहना मिली।
आधुनिक और पारंपरिक का मेल: जहाँ एक ओर पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों ने लोकगीतों पर थिरक कर समां बांधा, वहीं दूसरी ओर सामाजिक संदेश देने वाले समकालीन नृत्य ने शिक्षा के आधुनिक दृष्टिकोण को दर्शाया।
सम्मान समारोह: उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों और विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि इस महाकुंभ का उद्देश्य बच्चों के भीतर छुपी रचनात्मकता को बाहर लाना और उन्हें एक बड़ा मंच प्रदान करना है।
अभिभावकों और शिक्षकों का उत्साह:
कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। अभिभावकों ने स्कूलों के इस साझा प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है। - कार्यक्रम का संचालन माया प्रसाद एवं ललित नामदेव ने किया वहीं संगठन का प्रतिवेदन सर्वमंगला स्कूल के प्राचार्य नारायण चंद्रा ने पेश किया। आभार प्रदर्शन राधेय विद्यापीठ के प्राचार्य राधेश्याम मनहर ने किया। कल्चुरी पब्लिक स्कूल के प्राचार्य भवनेंद्र डहरवाल ने स्वागत भाषण दिया।





