(कालाहीरा न्यूज़)
कोरबा। स्कूल से घर लौट रही एक नाबालिग छात्रा को घर छोड़ने के बहाने जंगल में ले जाकर दुष्कर्म करने के आरोपी को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट ने 25 साल के सश्रम कारावास से दंडित किया है। पीड़िता को 4 लाख रुपये क्षतिपूर्ति राशि देने का भी आदेश न्यायालय ने दिया है।
विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार मिश्रा ने इस मामले में मजबूत पैरवी की और आरोपी को कठोरतम सजा से दण्डित कराया।
घटना दिनाँक 28 अप्रैल 2024 को पीड़िता छात्रा स्कूल की छुट्टी होने पर घर लौट रही थी। रास्ते में नगर निगम पार्किंग के पास शाम करीब 4:30-4:45 बजे के मध्य कृष्णा यादव पिता बुधराम 32 वर्ष, निवासी बरमपुर शांतिनगर कुसमुण्डा,हाल पता ग्राम तिलकेजा थाना उरगा ने घर छोड़ने का झांसा दिया। छात्रा को उसके पिता से पहचान का झांसा देकर अपने मोटर सायकिल में बिठाया और ग्राम बुंदेली के आगे जंगल में ले गया। छात्रा से दुष्कर्म करने के बाद अपनी ही बाइक से पॉवर हाउस रोड नहर के पास छोड़ कर फरार हो गया। छात्रा ने घर पहुंचकर परिवार को घटना की जानकारी दी। पिता के साथ कोतवाली थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। आरोपी कृष्णा के खिलाफ लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 के अलावा बीएनएस की धारा 137(2) और 65 (1) के तहत जुर्म दर्ज किया गया।
आरोपी कृष्णा यादव को गिरफ्तार कर जेल दाखिल कराया गया।प्रकरण विचारण हेतु न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अपर सत्र न्यायाधीश (फ़ास्ट ट्रेक) विशेष न्यायाधीश पॉस्को डॉ.ममता भोजवानी ने दोषसिद्ध पाते हुए आरोपी कृष्णा यादव को धारा 65 (1) बीएनएस में 25 साल के सश्रम करावास व 5 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 137 (2) बीएनएस में 5 वर्ष सश्रम कारावास व 2 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दण्डित किया है। अर्थदण्ड का भुगतान न करने पर क्रमशः 2 व 1 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगताया जाएगा





