छत्तीसगढ़ के राशनकार्ड धारियों के चावल में होगी कटौती? प्रदेश की भाजपा सरकार हितग्राहियों के कोटे में कटौती करने तैयार !

(कालाहीरा न्यूज)

छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल की सरकार के समय या पुरानी व्यवस्था के अनुसार प्राथमिकता हितग्राही वाले परिवारों को न्यूनतम 35 किलो राशन देने का प्रावधान था। ऐसे परिवारों को जो पांच सदस्यों से अधिक होने पर प्रति सदस्य 7 किलो राशन दिया जाता था। लेकिन, नए राशन कार्ड कुछ और ही इशारा कर रहा हैं। मतलब नए राशन कार्ड की ऊपर प्रधानमंत्री की फोटो लगी हैं। इसके पिछले कवर पर निर्देशों की कंडिका को देख कर मालूम होता हैं कि, राशन के न्यूनतम कोटा जो 35 किलो होता था। इसकी सीमा को समाप्त कर परिवार के सदस्यों की संख्या के आधार पर राशन आबंटित किया जाएगा। पुरानी व्यवस्था में परिवार में सदस्यों की संख्या यदि तीन हैं, तो भी उस परिवार को भी न्यूनतम 35 होता था। इसकी सीमा को समाप्त कर परिवार के सदस्यों की संख्या के आधार पर राशन आबंटित किया जाएगा। पुरानी व्यवस्था में परिवार में सदस्यों की संख्या यदि तीन हैं, तो भी उस परिवार को भी न्यूनतम 35 किलो राशन दिया जाता था। लेकिन, नए राशन कार्ड के अनुसार परिवार के प्रति सदस्य को 5 किलो के आधार पर गणना कर राशन दिया जाएगा।
इसको एक उदाहरण के जरिए समझते हैं- यदि एक परिवार में पांच सदस्य हैं, तो नए राशनकार्ड में दिए गए निर्देशों के हिसाब से उसे हर महीने मात्र 25 किलो चावल प्राप्त होगा। पुराने राशनकार्ड में ऐसे सदस्य संख्या की सीमा नहीं थी। बिना सदस्यों की संख्या की गणना किए परिवार को एकमुश्त 35 किलो चावल दिया जाता था। यहीं नहीं यदि परिवार में पांच से अधिक सदस्य होने पर प्रति सदस्य सात किलो के हिसाब से राशन के चावल का कोटा बढ़ जाता था। नई व्यवस्था के माध्यम से प्रति सदस्य 7 किलो के कोटे को घटाकर 5 किलो कर दिया गया हैं। नए राशनकार्ड के पिछले कवर की तारांकित बिंदु 3 के निर्देश प्राथमिकता हितग्राहियों के हितों पर सरकार का डाका हैं।
Kala Hira
Author: Kala Hira

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