दिग्विजय सिंह ने बताया किसे कहते है “पनौती”.. कहा PM मोदी तो भाजपा के लिए ‘विश्वगुरु’..

दिग्विजय ने लिखा “पनौती” का क्या अर्थ है? मैंने पता लगाया। यह एक नकारात्मक शब्द है। जब कोई काम होते-होते रह जाए तो उस इंसान को ‘पनौती’ कह दिया जाता है।

(कालाहीरा न्यूज )

राहुल गाँधी ने राजस्थान के बाड़मेर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना उन्हें ‘पनौती’ करारा दिया था। उन्होंने कहा था कि विश्व कप का मैच भी हरवा दिया। वही राहुल के इस बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच लगातार बयानबाजी जारी है। सोशल मीडिया से लेकर सियासी मंचो में ‘पनौती’ शब्द पर राजनेता जमकर राजनीति कर रहे है।

वही भाजपा ने राहुल के इस बयान पर गहरी आपत्ति जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री की गरिमा का ख्याल नहीं रखने का आरोप लगाया है। इसी बीच अब मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने ‘पनौती’ शब्द का मतलब बताया है। उन्होंने भाजपा ने पूछा है कि उनके लिए पीएम मोदी तो विश्वगुरु है फिर उन्हें वह पनौती क्यों मान रहे?

दिग्विजय ने लिखा “पनौती” का क्या अर्थ है? मैंने पता लगाया। यह एक नकारात्मक शब्द है। जब कोई काम होते-होते रह जाए तो उस इंसान को ‘पनौती’ कह दिया जाता है। पनौती शब्द का इस्तेमाल उस व्यक्ति के लिए किया जाता है जो अपने आस-पास के लोगों के लिए दुर्भाग्य या बुरी खबर लाता है, इसीलिए इसे नकारात्मक शब्द कहते हैं। विश्व कप प्रारंभ होते ही सोशल मीडिया पर यह शब्द Trend करने लगा। यह किसके लिये कहा गया? स्टेडियम में हज़ारों लोग थे। भाजपा ने मोदी जी को “पनौती” क्यों मान लिया? वे तो उनकी उनकी नज़र में “विश्वगुरु” हैं।

जनता का दिया शब्द है : कांग्रेस

इस पूरे मसले पर कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने वीडियों जारी करते हुए पूछा था जो पनौती शब्द पर आक्रोशित हो रहे हैं, उनका आक्रोश कहाँ था जब राहुल जी के ख़िलाफ़ करोड़ों रुपये खर्च करके दुष्प्रचार किया गया, जब उनके भाषणों की काट छाँट की गई? जब मोदी विपक्ष के नेता को मूर्खों का सरदार बुलाते हैं तब आक्रोश छुट्टी पर चला जाता है क्या? उछलो मत, बैठ जाओ. हमारा नहीं जनता का दिया शब्द है। पर सवाल यह है कि फेंकने पर, जुमलों पर, जालसाज़ी पर, पनौती पर जनता आख़िर PM मोदी को ही क्यों याद कर रही है?

 


 

 

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Author: Kala Hira

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