(कालाहीरा न्यूज)
दीपका।जन्माष्टमी की रात दीपका का प्रगति नगर मैदान नहीं, बल्कि कुरुक्षेत्र बन चुका था! मौका था 27वें मटकी फोड़ महोत्सव का, जहां हवा में उड़ते इंसानी पिरामिड, धड़कते दिल और ‘गोविंदा आला रे’ के गगनभेदी नारों के बीच अड़ी कछार की टीम ने रात 11:40 बजे वह ऐतिहासिक कारनामा कर दिखाया, जिसने पूरे कोयलांचल को झूमने पर मजबूर कर दिया। अड़ी कछार के जांबाजों ने पलक झपकते ही हवा में इंसानी मीनार खड़ी की और ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) का बंपर नकद पुरस्कार अपने नाम कर लिया।
💥 जब टकराए सूरमा: थर्रा उठा प्रगति नगर मैदान!
इस बार की जंग आसान नहीं थी। मैदान पर छत्तीसगढ़ की 6 सबसे खूंखार और धुरंधर टीमें आमने-सामने थीं। हवा में पानी की बौछारें गिर रही थीं और नीचे गोविंदाओं का हौसला उफान पर था।
- पूर्व विजेता अन्ना हजारे (हरदी बाजार) की टीम जीत के इरादे से उतरी थी।
- बलगी कॉलोनी और पोलमी की टोलियों ने भी ऐसे आसमानी पिरामिड बनाए कि दर्शकों की सांसें गले में अटक गईं।
लेकिन, अड़ी कछार के हौसलों के आगे सब पस्त हो गए। जैसे ही उनके ‘गोविंदा’ ने मटकी तोड़ी, पूरा दीपका आतिशबाजी और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
👶 नन्हे कान्हाओं ने भी दिखाया दम, कुर्सियों के लिए मची ‘जंग’
महोत्सव में सिर्फ बड़े सूरमा ही नहीं, बल्कि नन्हे-मुन्ने कान्हा भी अपनी लीला दिखाने उतरे थे। बच्चों के लिए रखी गई ‘एकल मटकी फोड़’ और ‘कुर्सी दौड़’ में बच्चों ने ऐसा गदर मचाया कि वहां मौजूद वीआईपी भी अपनी कुर्सियां छोड़कर ठुमके लगाने लगे। विजेताओं को जब मंच पर इनाम मिला, तो उनके चेहरों की चमक देखने लायक थी।
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इस ऐतिहासिक आयोजन के गवाह बनने के लिए एसईसीएल और राजनीति के बड़े-बड़े सूरमा एक ही मंच पर नजर आए।
- एसईसीएल दीपका के पूर्व जीएम अमित सक्सेना, जीएम माइनिंग एन.के. साहू और गेवरा के जीएम माइनिंग पार्थो मुखर्जी ने गोविंदाओं का हौसला बढ़ाया।
- नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत और थाना प्रभारी धर्म नारायण तिवारी ने सुरक्षा और व्यवस्था की कमान संभाली।
- आभा सक्सैना, अर्चना सिन्हा, संतोष सिन्हा और लोकेश माले जैसी हस्तियों ने इस परंपरा की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
संरक्षक अरुणीश तिवारी “दादा भाई” ने इमोशनल होते हुए कहा:“यह सिर्फ 27 साल की परंपरा नहीं, बल्कि कोयलांचल के लोगों का खून-पसीने का प्यार है। आने वाले समय में यह मटकी और ऊंची होगी और इनाम और बड़ा होगा।”
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इस महा-महोत्सव को हकीकत में बदलने का श्रेय संयोजक रजनीश तिवारी को जाता है, जिन्होंने अतिथियों का ऐसा पलक-पावड़े बिछाकर स्वागत किया कि हर कोई कायल हो गया।
- पूजा-पाठ: कार्यक्रम का शंखनाद पंडित राजेश गुरुद्वान ने मंत्रोच्चार के साथ किया।
- मंच के उस्ताद: शिवचरण राठौर, सतीश राठौर और धर्मेंद्र शुक्ला ने माइक संभाला तो अपनी शेरो-शायरी और कॉमेंट्री से रातभर समां बांधे रखा।
- तीसरी आंख (निर्णायक): विवाद न हो, इसके लिए राजकुमार चंद्रा और नितेश अग्रवाल ‘थर्ड अंपायर’ की तरह पैनी नजर टिकाए बैठे थे।
इनकी रही कड़क मौजूदगी:
मैदान पर सांसद प्रतिनिधि पोषक दास महंत, बनवारी चंद्रा, रोहित राठौर, आलोक शर्मा, मदन राजपूत, ठाकुर राम साहू, बंसी राठौर, ओम प्रकाश जायसवाल, अशोक यादव, कुलदीप सिंह, संतोष सिंह, अभिषेक सिंह, ज्ञान जायसवाल, अरविंद सिंह, राजेश यादव, ललित राठौर, विशाल अग्रवाल, गोविंद यादव, धीरेन तिवारी, संतोष निराला, हिमांशु देवांगन, कमलेश जायसवाल, अविनाश यादव, ऋषि सिदार, उत्तम दुबे, राजेश साहू, हेमचंद्र सोनी, लिटी दादा, राधेश्याम सिंह, गजेंद्र सिंह, अब्दुल रहमान बाबा, हितेश अग्रवाल, घनश्याम दास, योगेंद्र तिवारी, विनोद कर्स, राजीव तिवारी, कमलेश खूंटे, मृत्युंजय चौबे, खगेश बरेठ, सजी मैथ्यू, हीरा राठौर और अमन शर्मा जैसे दिग्गजों ने देर रात तक डटकर इस महामुकाबले का लुत्फ उठाया।
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