(कालाहीरा न्यूज़)
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए शिक्षक दिवस का मौका एक बड़ी सौगात लेकर आया है। प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत पढ़ाई कर रहे हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक बेहद संवेदनशील और बड़ा फैसला लिया है। अब प्रथम या द्वितीय सेमेस्टर के एक-दो पेपर में असफल होने वाले छात्रों को भी सीधे 5वें सेमेस्टर में अंतरिम (प्रोविजनल) प्रवेश दिया जाएगा। सरकार के इस कदम से उन हजारों युवाओं का पूरा शैक्षणिक वर्ष (Academic Year) खराब होने से बच गया है, जो नियमों के फेर में फंसकर आगे की पढ़ाई से वंचित हो रहे थे। [1]
नियमों की अड़चन पर भारी पड़ी छात्रों की चिंता
दरअसल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लागू होने के बाद कुछ व्यावहारिक दिक्कतें सामने आ रही थीं। शुरुआती सेमेस्टरों के एक या दो विषयों में क्लियर न हो पाने के कारण तकनीकी रूप से छात्र 5वें सेमेस्टर में दाखिला नहीं ले पा रहे थे। मामले की गंभीरता और युवाओं के करियर को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने इस गतिरोध को दूर किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में आने वाली किसी भी व्यावहारिक अड़चन को दूर करने के लिए सरकार पूरी तरह संकल्पबद्ध है।
अध्यादेश में होगा सुधार, शिक्षा मंत्री बोले- ‘युवाओं का भविष्य हमारी प्राथमिकता’
इस ऐतिहासिक निर्णय पर मुहर लगाते हुए शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग और राज्य सरकार प्रदेश के युवा छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। राज्य में NEP को प्रभावी ढंग से लागू करने की प्रक्रिया में यदि कोई भी बाधा या व्यवधान उत्पन्न होता है, तो छात्रों के सर्वांगीण उत्थान को ध्यान में रखकर उसका त्वरित समाधान निकाला जाएगा। छात्रों के व्यापक हित को देखते हुए सरकार जल्द ही संबंधित विश्वविद्यालय अध्यादेश में आवश्यक संशोधन भी करने जा रही है, ताकि किसी भी छात्र को अनंतिम प्रवेश लेने में कानूनी अड़चन न आए। सरकार के इस त्वरित और छात्र-हितैषी फैसले से पूरे प्रदेश के छात्र संघों और महाविद्यालयों में हर्ष का माहौल है।




