ब्रेकिंग
बजट और अध्यक्ष मद पर छिड़े घमासान के बीच नपा अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत का बड़ा बयान—”बैठक में देरी क्यों हुई, इसका सही जवाब सिर्फ सीएमओ ही दे सकते हैं” बजट गायब, विकास ठप: दीपका नगर पालिका अध्यक्ष पर बरसे कांग्रेस नेता विशाल शुक्ला, लगाए गंभीर आरोप! गेवरा और कुसमुंडा खदान से डीजल चोरी करने वाले गैंग का पर्दाफाश, 10 हजार का इनामी मास्टरमाइंड नवीन कश्यप 2 साथियों संग गिरफ्तार कोयला मजदूर सभा के महामंत्री नाथूलाल पाण्डेय को श्रमायुक्त का नोटिस, 15 दिनों में मांगा जवाब  कोयला गिराने की रंजिश में मारपीट करने वाले बदमाशों को जेल; नौकरी से भी निकाला गया। कोयला गिराने की रंजिश में मारपीट करने वाले बदमाशों को जेल; नौकरी से भी निकाला गया
Home » छत्तीसगढ » बिलासपुर » जन्म के पहले अर्जन के मामले में भू-विस्थापितों की ऐतिहासिक जीत, सुप्रीम कोर्ट ने एसईसीएल की याचिका खारिज की

जन्म के पहले अर्जन के मामले में भू-विस्थापितों की ऐतिहासिक जीत, सुप्रीम कोर्ट ने एसईसीएल की याचिका खारिज की

(कालाहीरा न्यूज़)

कोरबा। ऊर्जाधानी भू-विस्थापितों के अधिकारों की लड़ाई में एक ऐतिहासिक जीत मिली है । 27 अक्टूबर 2025 को भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने एसईसीएल (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड) प्रबंधन द्वारा दायर की गई विशेष अनुमति याचिका (Special Leave Petition) को सिरे से खारिज कर दिया है ।

यह मामला (SLP (C) डायरी सं. 41528/2025) एसईसीएल प्रबंधन द्वारा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के एक फैसले (WA No. 250/2025, दिनांक 17-04-2025) के खिलाफ दायर किया गया था । उच्च न्यायालय ने भू-विस्थापित ( राहुल जायसवाल) के पक्ष में फैसला सुनाया था, जो सेवा कानूनों और अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित था।

एसईसीएल प्रबंधन ने उच्च न्यायालय के इस जन-हितैषी फैसले के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था । कल माननीय न्यायाधीश जे.के. माहेश्वरी और माननीय न्यायाधीश विजय बिश्नोई की खंडपीठ ने एसईसीएल के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद, उनकी याचिका में कोई मेरिट नहीं पाया और उसे “Delay Condoned and matter dismissed” (देरी माफ और मामला खारिज) कर दिया । यह केवल एक व्यक्ति की जीत नहीं है, बल्कि यह ऊर्जाधानी के उन सभी भू-विस्थापित किसानों और उनके परिवारों की जीत है, जो वर्षों से एसईसीएल प्रबंधन की नीतियों के खिलाफ अपने वैध अधिकारों (जैसे नौकरी और अनुकंपा नियुक्ति) के लिए संघर्ष कर रहे हैं । सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला एसईसीएल प्रबंधन के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि वे भू-विस्थापितों के अधिकारों को और अधिक समय तक दबा नहीं सकते । इस फैसले से उच्च न्यायालय का आदेश बरकरार रहेगा और न्याय की जीत हुई है ।

ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति एसईसीएल प्रबंधन से मांग करती है कि वे माननीय सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले का सम्मान करें और छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के आदेश का तत्काल पालन करते हुए प्रभावित भू-विस्थापितों को उनका संपूर्ण अधिकार प्रदान करें ।

समिति अपने हक़ और न्याय के लिए संघर्ष जारी रखेगी ।

Kala Hira
Author: Kala Hira

[posts_like_dislike id=post_id]

RELATED LATEST NEWS

Top Headlines

बजट और अध्यक्ष मद पर छिड़े घमासान के बीच नपा अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत का बड़ा बयान—”बैठक में देरी क्यों हुई, इसका सही जवाब सिर्फ सीएमओ ही दे सकते हैं”

कालाहीरा न्यूज। दीपका।नगर पालिका परिषद दीपका में बजट में देरी और विकास कार्य ठप होने के आरोपों पर अब राजनीति