देश की कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया के कर्मियों को पूजा बोनस 95 हजार मिलेगा, एक लाख मिलेगा या उससे अधिक मिलेगा. इसका फैसला 29 सितंबर को हो जाएगा।इसी दिन कोल इंडिया मानकीकरण समिति की बैठक होनी है। कोयलाकर्मियों की फिलहाल जिज्ञासा यह है कि उन्हें कितना बोनस मिलेगा।मजदूर संगठनों की प्रतिष्ठा भी दांव पर है,प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए एक लाख या उससे अधिक बोनस की मांग सोशल मीडिया पर कोयलाकर्मी कर रहे है।
मजदूर संगठन के नेताओं पर भी कोयलाकर्मियों का दबाव है। पिछले साल कोयलाकर्मियों को 85000 रुपये बोनस मिला था। कोल इंडिया का बोनस बजट कर्मचारियों की संख्या घटने के बावजूद 1400 करोड रुपए का है। झारखंड में कार्यरत कोयलाकर्मियों के खाते में 800 करोड़ रुपए से अधिक आने का अनुमान है।
झारखंड में है सबसे अधिक कोयलाकर्मी
यह बताने की जरूरत नहीं है कि देश में सबसे ज्यादा कोयलाकर्मी झारखंड में है। झारखंड में बीसीसीएल, सीसीएल सीएमपीडीआईएल के अलावा ईसीएल के तीन एरिया राजमहल, चितरा और मुगमा झारखंड में है।झारखंड में कोयलाकर्मियों की संख्या भी 70000 के आसपास है। फिलहाल कोलियरी इलाकों में अभी सबसे बड़ी चर्चा बोनस को लेकर ही है। बोनस पर 29 सितंबर को बड़ा निर्णय हो सकता है।
कोल इंडिया मानकीकरण समिति की बैठक दिल्ली में प्रस्तावित है, इसमें कोयलाकर्मियों के बोनस की राशि तय होने की पूरी संभावना है। बैठक में कोल इंडिया प्रबंधन के साथ-साथ ट्रेड यूनियन के नेता भी हिस्सा लेंगे। 29 सितंबर को होने वाली बैठक पर 2.10 लाख कोयलाकर्मियों की निगाहें टिकी हुई है। पिछले साल दुर्गा पूजा के मौके पर कोयला कर्मियों को 85000 बोनस मिला था। इस साल चूंकि कोल इंडिया के लाभ में बढ़ोतरी हुई है, ऐसे में और बेहतर बोनस मिलने की मांग भी हो रही है और इसकी संभावना भी है. ठेकाकर्मियों को भी कुछ लाभ मिल सकता है।
हर साल बढ़ती रही है बोनस की राशि
पिछले 10 साल का ट्रेंड देखे तो हर साल बोनस की राशि बढ़ती रही है।फिलहाल बोनस भुगतान को लेकर कोल इंडिया में प्रॉफिट लिंक स्कीम लागू नहीं है, प्रबंधन यूनियन प्रतिनिधियों के बीच वार्ता से बोनस तय किया जाता है, बोनस की घोषणा होने और भुगतान होने से सिर्फ कोयला कर्मियों की ही बल्ले बल्ले नहीं होगी, बल्कि बैंकों में भी भारी धन वर्षा होगी। बाजार भी बम बम करेंगे, एक अनुमान के अनुसार बैंकों में लगभग 400 करोड रुपए आएंगे. यह तो सिर्फ कोल इंडिया के बोनस की राशि होगी, इसके अलावा प्रदेश में संचालित अन्य संस्थाओं के कर्मियों को भी बोनस की राशि बैंकों के जरिए ही मिलेगी. अक्टूबर महीना बैंकों के लिए लक्ष्मी वर्ष का महीना होगा. अब तक कोयला कर्मियों को मिले बोनस पर एक नजर-