कालाहीरा न्यूज।
दीपका।नगर पालिका परिषद दीपका में बजट में देरी और विकास कार्य ठप होने के आरोपों पर अब राजनीति और गरमा गई है। कांग्रेस नेता विशाल शुक्ला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद, नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपूत ने ‘काला हीरा’ से एक अनौपचारिक मुलाकात के दौरान अपना पक्ष रखा है। अध्यक्ष ने बजट बैठक में हो रही देरी का ठीकरा सीधे मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) पर फोड़ते हुए इस पूरे मामले पर अपनी स्थिति साफ की है।
सीएमओ ही दे सकते हैं सही जवाब: राजेंद्र राजपूत
बजट बैठक में हो रही देरी के सवाल पर अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत ने दो टूक शब्दों में कहा, “मैं पिछले दो महीने से लगातार मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को बजट की बैठक आयोजित करने के लिए बोल रहा हूँ। इसके बाद भी अब तक यह बैठक क्यों नहीं हो पाई है, यह मेरी समझ से परे है।” उन्होंने आगे कहा कि इस देरी की सही जानकारी और सही जवाब सिर्फ और सिर्फ सीएमओ ही दे सकते हैं। उनके इस बयान से प्रशासनिक तालमेल पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
अध्यक्ष निधि पर बोले—“किसी के दबाव या षड्यंत्र में आकर नहीं करूँगा खर्च”कांग्रेस द्वारा अध्यक्ष मद (निधि) की राशि का उपयोग न किए जाने के आरोपों पर पलटवार करते हुए राजपूत ने कहा कि इस राशि का इस्तेमाल कब और कैसे करना है, यह पूरी तरह से उनके विवेकाधिकार पर निर्भर है।उन्होंने स्पष्ट किया, “शासन की ऐसी कोई गाइडलाइन या नियम नहीं है कि इस राशि को 1 साल में खर्च करना है या 2 साल में। यह जनता का पैसा है और मैं खुद यह तय करूँगा कि जनता, जनहित और इस नगर के लिए क्या जरूरी है। इस राशि का उपयोग केवल जनहित में और प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। मैं किसी के दबाव, विरोध या षड्यंत्र में आकर इस राशि का गलत इस्तेमाल नहीं होने दूँगा।”आर-पार की लड़ाई में बदली दीपका की सियासतअध्यक्ष राजेंद्र राजपूत के इस बेबाक बयान के बाद अब गेंद प्रशासनिक अधिकारियों के पाले में चली गई है। एक तरफ जहाँ विपक्ष इसे नगर पालिका प्रशासन की नाकामी बता रहा है, वहीं अध्यक्ष ने सीधे तौर पर सीएमओ को जिम्मेदार ठहराकर मामले को नया मोड़ दे दिया है। अब देखना यह होगा कि इस तीखी बयानबाजी के बाद सीएमओ की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आती है और बजट की बैठक कब तक आयोजित होती है।




