काला हीरा न्यूज। दीपका
नगर पालिका परिषद दीपका में बजट को लेकर सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व प्रत्याशी विशाल शुक्ला ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपूत को सीधे कटघरे में खड़ा किया है। शुक्ला ने तीखे सवाल दागते हुए कहा कि अध्यक्ष को कुर्सी संभाले एक साल से ज्यादा का वक्त हो गया है, लेकिन दीपका की जनता आज भी विकास के बजट और एक ठोस रूपरेखा के लिए तरस रही है।
सालाना बजट बैठक पर ग्रहण, अध्यक्ष मद की राशि भी जाम
विशाल शुक्ला ने आरोप लगाया कि हर साल पार्षदों की मौजूदगी में बजट बैठक कर आय-व्यय और विकास कार्यों का खाका तय होना चाहिए, लेकिन दीपका नगर पालिका में यह पूरी प्रक्रिया ही ठप पड़ी है। हैरानी की बात यह है कि एक साल बीत जाने के बाद भी अध्यक्ष मद की राशि का इस्तेमाल तक नहीं किया गया है। यह राशि जस की तस पड़ी है, जो साफ बयां करती है कि प्रशासन के पास दीपका के विकास के लिए कोई मास्टर प्लान नहीं है।
जनता प्यासी, अब मंडरा रहा है बाढ़ और गंदगी का खतरा!
कांग्रेस नेता ने नगर पालिका को घेरते हुए कहा कि भीषण गर्मी में दीपका के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरसते रहे, लेकिन प्रशासन कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं कर सका। अब जब मानसून सिर पर है, तब भी नालियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था भगवान भरोसे है। शुक्ला ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो पहली ही बारिश में नालियों का बदबूदार पानी सड़कों और लोगों के घरों में घुस जाएगा, जिससे महामारी और भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
“बिना बजट विकास की बात सिर्फ कागजी दावा”
शुक्ला ने दो टूक कहा कि नगर पालिका की सुस्त कार्यप्रणाली से प्रशासनिक और विकास की गतिविधियां पूरी तरह वेंटिलेटर पर आ चुकी हैं। उन्होंने मांग की है कि परिषद तुरंत बजट बैठक बुलाए और विकास का पूरा रोडमैप जनता और पार्षदों के सामने रखे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “बिना बजट के विकास की बातें करना सिर्फ एक कागजी ढोंग है। नगर पालिका को जनता के प्रति जवाबदेह होना ही होगा।”




