(कालाहीरा न्यूज़ )
कोरबा। कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र स्थित हसदेव नदी पर बने कुदुरमाल पुल को वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। यह निर्णय पुल के हालिया सर्वेक्षण और निरीक्षण के बाद लिया गया। सर्वे टीम ने जांच के दौरान पाया कि पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है और कभी भी ढह सकता है, जिससे बड़े हादसे की संभावना है। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर प्रशासन ने तुरंत पुल पर आवाजाही रोक दी और संबंधित थाना को सूचना देकर बैरिकेड लगाकर मार्ग बंद कर दिया।
कुदुरमाल पुल, जो सर्वमंगला कनवेरी मार्ग से उरगा जाने वाले मार्ग पर स्थित है, लगभग 50 साल पुराना है। इस पुल पर लगातार भारी वाहनों का दबाव रहता था, जिससे इसकी हालत और जर्जर हो गई थी। पीडब्ल्यूडी अधिकारी नरेंद्र मिश्रा ने बताया कि पुल का निर्माण पुराना होने के कारण यह किसी भी समय ढह सकता था।
समय रहते पुल की स्थिति का पता लगने से बड़े जान-माल के नुकसान को टाला जा सका। प्रशासन ने कहा है कि पुल लगभग तीन महीने या उससे अधिक समय तक बंद रह सकता है। हल्के वाहन अब कोरबा से वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करेंगे, जबकि भारी वाहन दर्री होते हुए ध्यानचंद चौक, रिंगरोड और बालको से उरगा की ओर आ-जा सकेंगे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सांकेतिक बोर्ड और बैरिकेड लगाए गए हैं। इसके अलावा, संबंधित थाना, चौकी और पड़ोसी जिले जांजगीर-चांपा को भी इस पुल के बंद होने की जानकारी दे दी गई है। प्रशासन ने वैकल्पिक यातायात के लिए मार्ग परिवर्तित करने और मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह मार्ग बिलासपुर, रायपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण था।
क्योंकि इस मार्ग से दैनिक यातायात और भारी वाहनों की आवाजाही होती थी। पुल बंद होने से स्थानीय लोगों और व्यापारियों के लिए असुविधा उत्पन्न हो सकती है, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है। स्थानीय लोग इस निर्णय का स्वागत कर रहे हैं क्योंकि पुल जर्जर होने के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि इस मार्ग का उपयोग न करें और वैकल्पिक मार्ग का ही उपयोग करें। सर्वेक्षण टीम ने पुल की स्थिति को गंभीर मानते हुए इसकी मरम्मतऔर पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक कदम उठाने की सिफारिश की है। अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत कार्य शुरू होने तक पुल बंद रहेगा और इसके लिए निर्धारित समय सीमा में निर्माण और सुधार कार्य किया जाएगा। इस दौरान प्रशासन ने पुल के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती की है और यह सुनिश्चित किया है कि कोई वाहन या व्यक्ति अनजाने में बंद पुल पर न पहुंचे। ग्रामीणों और यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों की जानकारी देने के लिए सूचना पैनल और स्थानीय प्रशासन द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।





