“रामायण की कथा आप सभी ने सुनी या देखी होगी और ये रामायण प्रभु श्री राम और माता सीता के अटूट प्रेम और विशवास की कहानी बयां करती हैवास्तव में ये बात थोड़ी सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर माता सीता और प्रभु श्री राम के बीच के अटूट प्रेम के बावजूद भी अग्नि परीक्षा देनी पड़ी। इसी तरह 17पार्षदों के समर्थन पत्र देने के बाद भीं उन्हे अग्निपरीक्षा देनी हो। नगर पालिका परिषद दीपका में भी आज पार्षदों की अग्नि परीक्षा होगी आम जनता की नजर आज नगर पालिका की बैठक पर होगी।
पल पल की खबर जनता लेगी और जनता देखेगी कि जनप्रतिनिधि वास्तव में जनता के प्रतिनिधि है की नही।”
(कालाहीरा न्यूज)
दीपका। नगर पालिका परिषद दीपका में कुछ घंटों बाद सामान्य सभा की बैठक होना है,जिसकी तैयारिया पहली बार जोर शोर से की जा रही है यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आज इस बैठक में गौरव पथ का भविष्य तय होना है। बैठक में अध्यक्ष को मिलाकर पूरे21वार्ड के पार्षद मतदान करेंगे कि इस मार्ग पर भारी वाहन चले या बंद हो।
आज 13सितंबर है और संयोग की बात यह है कि आज ही के दिन 13अगस्त को गौरव पथ पर भारी वाहन बंद करने को लेकर उमा गोपाल एवम उनके साथियों ने आंदोलन की शुरुवात की थी ठीक एक महीने आज पूरे हो रहे है।
आज 13सितंबर है और संयोग की बात यह है कि आज ही के दिन 13अगस्त को गौरव पथ पर भारी वाहन बंद करने को लेकर उमा गोपाल एवम उनके साथियों ने आंदोलन की शुरुवात की थी ठीक एक महीने आज पूरे हो रहे है।
गौरव पथ संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन को 17 पार्षदों ने लिखित में समर्थन दिया है,वे सभी चाहते है कि इस मार्ग से भारी वाहनों का संचालन न हो समिति तब तक आश्वस्त था जब तक कुछ पार्षदों ने अपना समर्थन वापस नही लिया था मजे की बात यह है कि कॉलोनी के दो महिला पार्षदों ने समिति से अपना समर्थन पत्र वापस ले लिया है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर जनप्रतिनिधियों ने ऐसा क्यों किया?उन्हे किसका डर है।
एक जमाने में कंपनी का भय इतना हुआ करता था कि उसके इशारे के बगैर पालिका का पत्ता भी नही हिलता था लेकिन वर्तमान में यह भय समाप्त हो गया है क्योंकि अब किसी भी प्रतिनिधि को फील गुड का सौभाग्य प्राप्त नहीं होता।
एक जमाने में कंपनी का भय इतना हुआ करता था कि उसके इशारे के बगैर पालिका का पत्ता भी नही हिलता था लेकिन वर्तमान में यह भय समाप्त हो गया है क्योंकि अब किसी भी प्रतिनिधि को फील गुड का सौभाग्य प्राप्त नहीं होता।
किसने दिया समर्थन ,किसने लिया समर्थन वापस, किसने नही दिया समर्थन अगले पोस्ट में विस्तार से पढ़ेंगे।





