(कालाहीरा)
बिलासपुर।शराब पीकर काम करने से मना किए जाने पर शराब में धुत आरक्षक ने फांसी लगाने का प्रयास किया। मौके पर दूसरा जवान पहुंच गया। और किसी तरह अनहोनी की घटना को टाल दिया। काउंसिलिंग के दौरान आरक्षक ने बताया कि वह परारिवारिक कारणों से परेशान है। इसके चलते शराब का सेवन किया। बेहतर होगा कि उसे लाइन अटैच किया जाए या किसी ग्रामीण थाना भेज दिया जाए।
मामला सीपत थाना का है। 29 मई को थाना प्रभारी की अगुवाई में वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान थाना में पदस्थ धर्मेंद्र कश्यप भी पहुंच गया। और वाहन चेकिंग अभियान में शामिल हो गया। अभियान के दौरान आरक्षक के मुंह से शराब की दुर्गंध आने पर थाना प्रभारी ने फटकारा और भविष्य में ऐसी गलती से दूर रहने को कहा। साथ ही रोजनामचा में घटनाक्रम को दर्ज भी किया।
घटना के दूसरे दिन यानी 30 मई को आरक्षक धर्मेंद्र कश्यप थाना पहुंचा। और अपने गले में लटका कर रखे गमछे को पंखे में बांधने लगा। और उसने गमछे का गोल फंदा भी बनाया। असामान्य हरकत देखकर थाना स्टाफ ने धर्मेन्द्र को रोका। पूछताछ के बाद घटना की जानकारी को डीएसपी से साझा किया।
जानकारी के बाद उप पुलिस अधीक्षक थाना पहुंचकर आरक्षक से बातचीत की। काउंसलिंग के दौरान आरक्षक ने बताया कि अपनी पारिवारिक समस्या से काफी परेशान हो चुका है। अब सब कुछ मुश्किल होता जा रहा है। इसलिए फांसी लगाने का प्रयास किया। आरक्षक ने बताया कि उसका स्थानांतरण लाइन में या फिर अन्य किसी ग्रामीण थाना कर दिया जाए। मामले में आरक्षक से आवेदन लिया गया है। जल्द ही पुलिस कप्तान के सामने आवेदन को पेश किया जाएगा। बहरहाल आरक्षक की आरक्षक की हरकत पुलिस महकमा स्तब्ध है।





