इस संबंध में पीडि़ता मीना बाई पिता स्व. धजा राम ग्राम बरकुटा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करके बताया है कि वर्ष 1993-94 में गांव का अर्जन होने से उसके पिता की जमीन अधिग्रहण की गई लेकिन उसके एवज में रोजगार एवं उचित पुनर्वास आज तक नहीं मिला है। 6 एकड़ पैतृक कृषि भूमि के एवज में नौकरी की मांग करते हुए मीना बाई आज दोपहर को खदान में धरने पर जाकर बैठ गई।इसकी जानकारी होने पर यहां तमतमाते हुए प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव सिंह पहुंचे और मीना बाई का हाथ खींचते हुए बलपूर्वक अपनी गाड़ी में पुरूष सुरक्षा गार्ड की मदद से बिठाया और कुसमुंडा थाना ले जाकर छोड़ दिया। थाना में उसे दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक बिठाकर रखा गया। पीड़िता और उसके परिजन जमीन के बदले रोजगार और उचित पुनर्वास के लिए ठोकर खा रहे हैं।